एक बार वक्त ने घडी से कहां
मेरे अलावा आप कुछ भी नही हो...
घडी ने मुसकुरते हुवे कहां
वो तो शत प्रतिशत सच हैं
पर उनका क्या जिंहोने
हम दोंनो को एक हि समजा हैं...
मेरे अलावा आप कुछ भी नही हो...
घडी ने मुसकुरते हुवे कहां
वो तो शत प्रतिशत सच हैं
पर उनका क्या जिंहोने
हम दोंनो को एक हि समजा हैं...
बहोत ख्वाब सजाये थे ऐ जिंदगी..
एसे हसके गुजारें गे |
हंसने कि बात तो छोड हि दों...
ना कि तू वक्त भी दे राही है सोचने के लिये |
एसे हसके गुजारें गे |
हंसने कि बात तो छोड हि दों...
ना कि तू वक्त भी दे राही है सोचने के लिये |
पाने से पहले हि...
खोने का दर्द मेहंसूस किया हैं
अब पाना क्या और खोना क्या
अब तो दोनो भी एक समान हैं...
खोने का दर्द मेहंसूस किया हैं
अब पाना क्या और खोना क्या
अब तो दोनो भी एक समान हैं...
पता नही था जिंदगी तू इतनी भी सक्त होगी
ना तू जीने देती हैं , ना मरने देती हैं
वो भी सुकून सें ।
बहोत होसला था ये जिंदगी तुझसे
कीं आने कल अच्छा होगा ।
पर इस कल के चक्कर मे
कल भी गया और आज भी गया ।।
कुछ ना कुछ , खोंने पानें कां सिलसिला
ज़िन्दगी में तों यूंही चलता रहेगा
next lines are not yet out....:)
(Discrimination - वरील सर्व सुपीक डोक्यातून आलेल्या सुपीक रचना आहेत , वास्तव्याशी याचा काहीही संबंध नाही
😉)
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